तेरे मेरे बीच कोई दीवार नहीं, कोई दरार नहीं
मैं और तू,किसी भी ग़लतफ़हमी का शिकार नहीं
तू है ना मेरा !!मुझे किसी और की दरकार नहीं
अब यही ज़रिया है कि मैं लिखूं
और करूँ तुझसे ही हर बात
वरना हर बात लिखने को तो
मेरा दिल भी तैयार नहीं
तू मुझे समझता है,और मैं तुझे,
मेरी नज़र में हमसे ज्यादा
कोई और समझदार नहीं
बस इतना सा और कहूँ, कि
तेरे सिवा अब और किसी से प्यार नहीं !!!
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