अनदेखा!!! अनसुना!!!
सकारात्मकता !!! नकारात्मकता !!!
क्या इन शब्दों से कुछ सीखने को मिलता है?
मेरा जवाब है "हाँजी"
कि कोई देखे या अनदेखा करदे,
कोई सुने या अनसुना करदे,
आप अपना कर्म ज़रूर पूरा कीजिये।
सृष्टि की हर वस्तु में सकारात्मकता और नकारात्मकता दोनों छुपे हैं,
आप क्या ढूंढते हैं,ये आप पर निर्भर है।।
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