Wednesday, 10 July 2019

तुम्हारा होना !!!

तुम्हारा होना!!!
तपती गर्मी की चिलचिलाती धूप में भी भीगा भीगा सा रहता हूँ, मैं सावन सावन सा झूमता हूँ,
जब तू हवा भर सा भी छू जाता है मुझे एहसासों में

तुम्हारा ना होना!!!
धड़कते हुए बादलों की मस्तियों में बहने वाली तेज़ मूसलाधार बारिश भी चुभती है,
छील के रख देती है जिस्म मेरा,
लहूलुहान कर डालती है उसमें बसे तेरे मेरे लम्हों को,
जब तू पल भर के लिए भी अलग कर लेता है खुद को मेरे ख़यालों से।।।

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