उम्र हर किसी पर अपना शिकंजा कसती है
हर किसी को करके रखती है अपने वश में
हर किसी को अहसास करवाती है पल पल घटती हुई साँसों का और बीते हुए पल का,
पर इस शिकंजे से अगर कोई आज़ाद है तो वो है कलाकार, हाँजी कलाकार!!
क्योंकि
कलाकार की कोई उम्र होती ही नहीं
कलाकार उम्रों का मोहताज हुआ ही नहीं
कलाकार कभी बूढ़ा होता ही नहीं।
अपने मन से, ख़्यालों से, विचारों से,कल्पना से और सृजन से,
वो हमेशा जवान और तरो ताज़ा रहता है,
निराशा में आशा, अविश्वास में विश्वास, असम्भव में सम्भव, असंभावना में सम्भावना, उदासी और ग़म में ख़ुशी, बुराई में भलाई और अच्छाई और नकारात्मकता में सकारात्मकता की रोशनी ढूंढ लेने की क्षमता होती है कलाकार में।
अपनी रचनाओं, अपनी प्रतिभा और कड़ी मेहनत के माध्यम से,कल्पनाओं के समंदर में गोते लगाता हुआ, वो हर जगह कहीं ना कहीं किसी ना किसी गहराई के कोने में उम्मीद की किरण खोज ही निकालता है।
सही मायने में अगर कहा जाए तो कलाकार गुरु समान है बल्कि गुरु ही कहा जाए तो उचित होगा क्योंकि इस दुनिया और ईश्वर को आपस मे जोड़ने वाली बीच की कड़ी होता है कलाकार।।
हर कला के पुजारी को मेरा कोटि कोटि प्रणाम।।
सभी कलाकारों और कला प्रेमियों को सादर अभिनंदन।।
मेरी ये रचना सभी कलाकारों को समर्पित।।
धन्यवाद,
आपका अपना,
विकास रेल्हान (Vikas Relhan Vk)
Saturday, 20 July 2019
कलाकार और उम्र ( Artist & Age ) - by Vikas Relhan Vk
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