शायद कुछ गलतफहमी हुई है
शायद कोई तेरे मेरे दरमियान है
शायद तू नाराज़ है मुझसे
पर वजह मैं नहीं
कोई और है
कह तो दूं हर बात तुझसे
पर तू कभी हक़ तो देके देख
रही बात दुनिया की
तो ध्यान से सुन
मुझे नहीं परवाह किसी की
क्योंकि तू ही मेरी उदासी की शाम
और मेरी खुशियों की भोर है।।
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