इश्क़ है निंदिया तो रूह लोरी है
इश्क़ है चाँद तो रूह चकोरी है
इश्क़ है मुस्कुराहट रूह उसकी वजह है
इश्क़ जैसे हवा तो रूह उसकी फ़िज़ा है
इश्क़ है तपती दोपहरी रूह उसकी ठंडक है
इश्क़ है वन्दन तो रूह उसकी वंदक है
इश्क़ है बारिशें तो रूह उसकी फुहारें
झूमे यूँ मस्त मगन हो इश्क़ इश्क़ पुकारे
इश्क़ है इश्क़ है इश्क़ है ।।।।
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