Monday, 18 June 2018

रूह-ए-इश्क़ (part-1) by Vikas Relhan Vk

रुसवाईयाँ रूह की - हैरान इश्क़ हुआ
नाराज़गी रूह की - परेशान इश्क़ हुआ

तन्हाईयाँ रूह की - सुनसान इश्क़ हुआ
भीड़ बाज़ारी रूह की - गुमनाम इश्क़ हुआ

कमी रूह की - कमज़ोर इश्क़ हुआ
नमी रूह की - घनघोर इश्क़ हुआ

ख़त रूह के - पैग़ाम इश्क़ हुआ
बोली रूह की - नीलाम इश्क़ हुआ

ज़ख्म रूह के - वैद्य इश्क़ हुआ
ज़ंजीर रूह की - क़ैद इश्क़ हुआ

आंखें रूह की - आँसू इश्क़ के बहे
शायरी रूह की - बोल इश्क़ ने कहे

बादल रूह के - बारिश इश्क़ की
फ़ैसले रूह के - गुज़ारिश इश्क़ की

मंज़िलें रूह की - सफ़र इश्क़ है
रियासतें रूह की - समग्र इश्क़ है

हुनर रूह का - फ़नकार इश्क़ है
तरबें रूह की - सितार इश्क़ है

ठहराव रूह है - रफ़्तार इश्क़ है
उस पार रूह है - इस पार इश्क़ है

इंतज़ार रूह का - तड़प इश्क़ की
आना रूह का - रौनक इश्क़ की

पंख रूह के - उड़ान इश्क़ है
लब रूह के - मुस्कान इश्क़ है

स्पर्श है रूह - तो एहसास इश्क़ है
पास है रूह के - तो ख़ास इश्क़ है

आयत है रूह - तो अज़ान इश्क़ है
बोली है रूह की - तो ज़बान इश्क़ है

इश्क़ की दुनिया है रूह से - तो रूह का संसार इश्क़ है
इश्क़ करने को अपनी रूह से - बेकरार ये इश्क़ है
बिना अपनी रूह के - बेकार ये इश्क़ है
बिना अपनी रूह के - बेकार ये इश्क़ है

No comments:

Post a Comment