जिन्हें अपने पास बिठाकर एक एक सुर की समझ और गायकी दी हो,
हर वो चीज़ ,हर वो मंत्र सिखाया हो जो हमें हमारे गुरुजनों ने बड़े ही स्नेह और वात्सल्य से सिखाया,
जब वही शिष्य साथ खड़े होकर गाने लगें तो मन और आत्मा ख़ुशी से झूम उठते हैं,
बार बार दुआयें और आशीर्वाद बरसता है उनके लिए हृदय से,
और सर श्रद्धा से झुक जाता है अपने परमात्मा, अपने माता पिता और अपने गुरुजनों के प्रति,
जिन्होंने हमें इस काबिल बना दिया कि हम पीढ़ी दर पीढ़ी संगीत की सेवा करते जायें।।
गुरुजनों को कोटि कोटि नमन।।
संगीत को आगे सही दिशा में बढ़ाने वाले शिष्यों को प्यार और आशीर्वाद।।।
Vikas Relhan Vk
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