जो आसानी से मिले और पास भी हो,
आपकी भी हो,
उसे छोड़कर उन चीज़ों के लिए भागना
जो मिलना भी मुश्किल,
कहीं न कहीं नामुमकिन भी।।
क्यों न खुद को ज़रा सँवारा जाये,
जो रखें हर पल ख़्याल
उन्ही के ख़यालों में वक़्त गुज़ारा जाये
ज़िन्दगी मांगे फिर से बदलाव
क्यों न ज़िन्दगी को फिर से निखारा जाये।।
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